Patiala House Court: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का चुनावी शोर थमते ही आई-पैक (I-PAC) के डायरेक्टर विनेश चंदेल के लिए राहत की खबर आई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे चंदेल की जमानत अर्जी मंजूर कर ली. गौर करने वाली बात यह रही कि जिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया था, उसी एजेंसी ने अदालत में बेल का विरोध नहीं किया, जिसके बाद चंदेल की रिहाई का रास्ता साफ हो गया.
सहयोग के आधार पर मिली न्यायिक राहत
अदालत ने सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी के उस तर्क को आधार बनाया, जिसमें कहा गया कि विनेश चंदेल ने अब तक की पूछताछ और जांच प्रक्रिया में पूरा साथ दिया है. ईडी की दलीलों और जांच के अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपी को अब हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है. हालांकि, बेल के साथ यह शर्त भी जोड़ी गई है कि वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और भविष्य की जांच के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे.
सत्ता और जांच एजेंसी के बीच का केंद्र
विनेश चंदेल उस कंपनी के मुख्य चेहरों में से हैं, जो बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिए चुनावी बिसात बिछा रही है. चुनाव शुरू होने से पहले ही जांच एजेंसी और बंगाल सरकार के बीच इस कंपनी को लेकर ठन गई थी. जब कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर छापेमारी हुई थी, तब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर इसे रोकने की कोशिश की थी, जिसे लेकर काफी राजनीतिक विवाद हुआ था.
चुनावी रणनीति और बदले की राजनीति के आरोप
इस पूरे मामले में टीएमसी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि बीजेपी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर उनकी चुनावी रणनीति को चुराने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है. दूसरी ओर, ईडी ने मुख्यमंत्री पर जांच में बाधा डालने और जरूरी कागजात गायब करने के आरोप लगाए थे. अब मतदान के बीच चंदेल की रिहाई को राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है.