Ranchi News : झारखंड विधानसभा में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। विधानसभा ने रजिस्ट्रार प्रशांत पांडेय और रणधीर गुप्ता के कार्यकाल से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तलब की है। इस निर्णय के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है और दोनों अधिकारियों की भूमिका पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है।
नियमों के पालन और कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा स्तर पर उठे इस मुद्दे के बाद संबंधित विभागों से दोनों रजिस्ट्रार के कार्यकाल, नियुक्ति प्रक्रिया और उनके द्वारा लिए गए प्रशासनिक निर्णयों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। खास तौर पर यह जांच की जा रही है कि उनके कार्यकाल के दौरान नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किस हद तक किया गया और कहीं किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि यह मामला केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक निर्णयों के प्रभाव को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर सरकारी और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा द्वारा मांगी गई रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव है।
यह कदम झारखंड में प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह के मामलों पर सख्ती से निगरानी रखी जा सके।