Gumla News : जिले में रिटायरमेंट के बाद भी एक शिक्षक को दो महीने तक वेतन मिलने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता और वेतन भुगतान प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।
मामले को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ विभागों के पे-बिल विभागीय कार्यालयों के बजाय साइबर कैफे में तैयार किए जा रहे थे, जिसके बाद जांच समिति ने संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की योजना बनाई। हालांकि कार्रवाई से पहले ही छापेमारी से जुड़ा विभागीय पत्र वायरल हो गया, जिससे पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया।
जांच में पे-बिल गड़बड़ी के संकेत, साइबर कैफे से बिल बनने पर उठे सवाल
जांच समिति ने पाया कि संबंधित विभाग में वेतन पंजी और रोकड़ बही के रखरखाव में भी गंभीर खामियां हैं। बकाया भुगतान और वेतन निर्गमन से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे पाए गए, जिससे संदेह और गहरा गया है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
वायरल पत्र को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कार्रवाई से पहले गोपनीय जानकारी बाहर कैसे पहुंची। इसे लेकर प्रशासनिक गोपनीयता और जवाबदेही पर भी चर्चा तेज हो गई है।
विभागीय गोपनीयता पर भी सवाल, अनियमितताओं की व्यापक जांच की तैयारी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। इस खुलासे के बाद जिले में वेतन भुगतान व्यवस्था और विभागीय प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।