Ranchi News : राजधानी रांची में ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद रौब झाड़ना दो युवकों को भारी पड़ गया। ट्रैफिक पुलिस ने सीट बेल्ट नहीं लगाने पर एक कार चालक को रोका, तो उसने कार्रवाई से बचने के लिए खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताना शुरू कर दिया।इतना ही नहीं, पुलिस पर दबाव बनाने के लिए एक फर्जी व्यक्ति से फोन पर बात कराई गई, जिसे राज्यपाल कार्यालय से जुड़ा बताया गया।
मामला संदिग्ध लगने पर ट्रैफिक पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया कि पुलिस को गुमराह करने और सरकारी पद का भय दिखाने की कोशिश की गई थी।
फर्जी कॉल के जरिए दबाव बनाने की कोशिश, पुलिस ने दिखाई सख्ती
पुलिस के मुताबिक वाहन जांच अभियान के दौरान चालक सीट बेल्ट लगाए बिना गाड़ी चलाते पकड़ा गया था। चालान की प्रक्रिया शुरू होते ही उसने पहले बहस की, फिर फोन मिलाकर कथित तौर पर “राज्यपाल” से बात कराने का नाटक किया। लेकिन पुलिसकर्मियों को संदेह होने पर दोनों को थाने ले जाया गया।
पूछताछ में यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह फर्जी पहचान या प्रभाव का इस्तेमाल कर कानून से बचने की कोशिश की थी। पुलिस ने पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
VIP रौब और फर्जी पहचान के इस्तेमाल पर पुलिस का सख्त संदेश
इस घटना के बाद पुलिस ने साफ कहा है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह का दबाव या फर्जी पहचान काम नहीं करेगी। अधिकारियों ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और इस तरह की हरकतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामले के सामने आने के बाद शहर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस अब पूरे प्रकरण में फर्जी कॉल और पहचान के एंगल की भी जांच कर रही है।