Jamshedpur Breaking: लोयला बीएड कॉलेज रोड स्थित धोबी मोड़ के पास मंगलवार शाम करीब सवा चार बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो बाइक सवार किशोरों ने अन्य दो किशोरों पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बाइक पर सवार दो नाबालिगों ने ऋतिक दास और संदीप दास की बाइक पर अचानक हमला बोल दिया। हमले के कारण ऋतिक की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। खुद को घिरा देख दोनों किशोर जान बचाने के लिए पैदल भागने लगे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें खदेड़कर चापड़ से ताबड़तोड़ वार कर दिए। घटना में शामिल सभी लड़के नाबालिग बताए जा रहे हैं।
पुलिस की संवेदनशीलता तार-तार: घंटों तक सीमा विवाद में उलझी रही खाकी
इस वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा दाग लगा दिया है। हमले में ऋतिक दास के पीठ पर चापड़ से दो घातक वार किए गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल है, वहीं संदीप के कान पर जख्म है। शर्मनाक बात यह है कि दोनों किशोर लहूलुहान हालत में घंटों तक टेल्को, गोलमुरी और बिरसानगर थाने के चक्कर काटते रहे। तीनों थानों की पुलिस घटना स्थल के सीमांकन को लेकर टालमटोल करती रही और घायलों को एक-दूसरे के पास भेजती रही। अंततः बिरसानगर थाने में शिकायत दर्ज की गई और किशोरों को मेडिकल के लिए भेजा गया।
मोबाइल, लड़की और घर पर आया संदिग्ध दोस्त
ऋतिक की मां के बयान ने इस हमले के पीछे की साजिश की ओर इशारा किया है। उन्होंने बताया कि शायद हमले के बाद ही कुछ लड़के-लड़कियां उनके घर पहुंचे थे। उनमें से एक ने खुद को ऋतिक का दोस्त बताते हुए मोबाइल फोन लेने का आरोप लगाया। जब मां ने ऋतिक को फोन किया, तो उसने बात बदलते हुए साथ आई लड़की की ओर इशारा कर कहां कि मोबाइल उसी लड़की का है, फिर ऋतिक की मां ने जब सवाल करना शुरू किया तो वे सभी भाग निकले, जिसके तुरंत बाद ऋतिक पर हमले की सूचना मिली। ऋतिक के अनुसार, हमला करने वाला मुख्य आरोपी कालूबगान का रहने वाला है।
रंजिश और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद किसी लड़की और आपसी रंजिश से जुड़ा है। सरेराह नाबालिगों द्वारा चापड़ जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल समाज के लिए चेतावनी है। वहीं, गंभीर रूप से घायल बच्चों को इलाज दिलाने के बजाय घंटों तक सीमा विवाद में उलझाए रखना पुलिस प्रशासन की भारी लापरवाही को दर्शाता है। फिलहाल बिरसानगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच कर रही है।