Jamshedpur News: जमशेदपुर में रेल यात्रियों की बढ़ती परेशानियों और ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ रेल यात्री संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एआरएम कार्यालय पहुंचा और चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपा.
यात्री ट्रेनों की अनदेखी पर सवाल, मालगाड़ियों को प्राथमिकता से बढ़ी परेशानी
ज्ञापन में समिति ने आरोप लगाया कि बिना ठोस कारण के यात्री ट्रेनों को रोका जा रहा है, जबकि मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है. इससे आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. समिति ने सवाल उठाया कि जब रेलवे के पास मालगाड़ियों के संचालन के लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा नहीं है, तो बड़ी संख्या में उनका संचालन कर यात्री ट्रेनों की समय-सारणी क्यों प्रभावित की जा रही है. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जमशेदपुर के सांसद ने पहले ही इस समस्या को रेल मंत्री के समक्ष उठाया था और सुधार के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन चक्रधरपुर मंडल के स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है.
1 से 6 घंटे की देरी पर नाराजगी, पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
समिति ने बताया कि ट्रेनों के 1 घंटे से लेकर 6 घंटे तक लेट होने की खबरें रोज सामने आ रही हैं, जिससे रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. 7 अप्रैल 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर हजारों यात्रियों की मौजूदगी में धरना-प्रदर्शन कर रेलवे प्रशासन को चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. यात्रियों को अब भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी, हस्ताक्षर और जागरूकता अभियान की तैयारी
समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही ट्रेनों की लेटलतीफी दूर नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और स्टेशन परिसरों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर यात्रियों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में जद(यू) महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, सतीश सिंह, प्रदीप सिंह भोजपुरिया, मनोज ठाकुर, सन्नी परिहार, अमित मैती और सन्नी सिंह शामिल रहे. रेल यात्री संघर्ष समिति ने साफ संकेत दे दिया है कि यदि रेलवे प्रशासन ने समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है.