National News: रविवार को श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक यात्री के बैग में संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिला. सघन तलाशी लेने पर बैग से “गार्मिन” (Garmin) कंपनी का एक सैटेलाइट फोन बरामद हुआ. इस मामले में अमेरिका के मोंटाना निवासी जेफरी स्कॉट और उनके एक साथी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया. कश्मीर जैसे सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति ऐसे संचार उपकरणों का मिलना गंभीर माना जाता है, जिसके बाद दोनों को आगे की कानूनी जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया.
भारत में सैटेलाइट फोन को लेकर कड़े हैं नियम
भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक के लिए थुराया या इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन भारत लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इनका उपयोग केवल दूरसंचार विभाग के अनिवार्य लाइसेंस के साथ ही किया जा सकता है. बिना अनुमति या लाइसेंस के ऐसे उपकरण मिलने पर न केवल डिवाइस को जब्त कर लिया जाता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति को 24 से 72 घंटों तक हिरासत (डिटेंशन) में रखकर गहन पूछताछ की जा सकती है. अक्सर विदेशी पर्यटक नियमों की जानकारी न होने के कारण ऐसे उपकरण साथ ले आते हैं, लेकिन प्रशासन सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं करता.
भारी जुर्माने और जेल की सजा का है प्रावधान
दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत बिना अनुमति सैटेलाइट फोन या जीपीएस डिवाइस रखना दंडनीय अपराध है. नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी को 50,000 रूपए से लेकर 2 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसके साथ ही, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम की धाराओं के तहत मामले की गंभीरता के आधार पर तीन साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है. सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि जेफरी स्कॉट के पास यह फोन किसी तकनीकी अनभिज्ञता के कारण था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था.
कश्मीर में हाई अलर्ट और सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई के बाद घाटी के सभी प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि ये नागरिक कश्मीर में कहां-कहां ठहरे थे और उनके आने का वास्तविक उद्देश्य क्या था. कश्मीर की विशिष्ट सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हर संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की बारीकी से पड़ताल की जाती है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने और दावों की पुष्टि होने के बाद ही इन नागरिकों को आगे की यात्रा की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा.