Chaibasa News: चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत रूईडीह बासाटोंटो में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है. यहां 25 साल के एक बेकसूर युवक सुभाष बानरा की दिनदहाड़े चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर हत्यारे बड़ी ही आसानी से फरार हो गए. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी चाईबासा पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं और वे अभी तक किसी भी संदिग्ध को पकड़ने में नाकाम साबित हुई है. पुलिस की इस कछुआ चाल और लचर कार्यशैली से मृतक के परिजनों और पूरे गांव के लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है.
भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में फूटा गुस्सा, थाना घेराव
हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया. भाजपा की जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मुफस्सिल थाना का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि कागजी खानापूर्ति बंद कर हत्यारों को पाताल से भी खोज निकाला जाए और सलाखों के पीछे भेजा जाए. ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन के कारण काफी देर तक थाने परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिस बैकफुट पर नजर आई.
पुलिस पर लगा आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप
थाना घेराव के दौरान भाजपा नेत्री गीता बालमुचू ने चाईबासा पुलिस पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. उन्होंने सरेआम मीडिया के सामने कहा कि पुलिस की सुस्त कार्यशैली को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वे पर्दे के पीछे से हत्या के आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं. गीता बालमुचू ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि पुलिस लीपापोती करना बंद करे. उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए असली गुनाहगारों को शीघ्र गिरफ्तार करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए उन्हें फांसी की सजा दिलाने की पुरजोर वकालत की है.
न्याय की गुहार और उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस दर्दनाक हत्या के बाद से पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है और 25 साल के जवान बेटे को खोने के बाद बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव वालों का कहना है कि जब तक सुभाष के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती और पीड़ित परिवार को उचित न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन थमेगा नहीं. पुलिस के वरीय अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर फिलहाल शांत कराया है. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि चाईबासा की व्यस्त सड़कों पर सरेआम खून बहाने वाले दरिंदे आखिर किसके शह पर पुलिस की पकड़ से बाहर घूम रहे हैं?