Yogi Adityanath On Road Namaz: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल और सड़क पर नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी और सरकार इस नियम को सख्ती से लागू कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम लोगों के आने जाने, मरीजों की आवाजाही और कामकाजी लोगों के लिए होती है, इसलिए उसे किसी भी तरह बाधित नहीं होने दिया जाएगा.
यूपी में सड़क पर नमाज नहीं होती, लोग खुद आकर देख सकते हैं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि क्या उत्तर प्रदेश में वास्तव में सड़कों पर नमाज नहीं होती. इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि यहां सड़क पर नमाज नहीं होती और कोई भी व्यक्ति आकर खुद यह देख सकता है. उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने का अधिकार सभी नागरिकों को है. ऐसे में कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक रास्ते को रोककर उसे तमाशे का रूप नहीं दे सकता. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक गतिविधियां वहीं होनी चाहिए जहां उनके लिए निर्धारित स्थान हो.
संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ें, सड़क पर नहीं
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि नमाज पढ़ने वालों की संख्या ज्यादा होती है, ऐसे में जगह कम पड़ जाती है. इस पर उन्होंने कहा कि अगर संख्या अधिक है तो लोग शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन सड़क पर नहीं. उन्होंने कहा कि अगर घर या निर्धारित स्थान पर पर्याप्त जगह नहीं है तो व्यवस्था बनानी होगी. सरकार नमाज पढ़ने से नहीं रोक रही, लेकिन सार्वजनिक सड़कों को बाधित करने की इजाजत भी नहीं दी जाएगी.
कानून का राज सबके लिए बराबर होना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार के पास व्यवस्था है तो उसे नियम और कानून लागू भी करने चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून का राज सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सड़कें आम नागरिकों, बीमार लोगों और कामगारों के लिए होती हैं. ऐसे में किसी भी कारण से सार्वजनिक रास्तों को रोकना उचित नहीं माना जा सकता.
संवाद से बात बने तो ठीक, नहीं तो सरकार कार्रवाई भी करेगी
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पहले संवाद के जरिए लोगों को समझाने की कोशिश करती है. अगर लोग शांति और बातचीत से बात मान लेते हैं तो ठीक है, लेकिन अगर नियमों का पालन नहीं किया जाता तो सरकार कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना और कानून को लागू करना है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में नियमों को लेकर अब पहले जैसी ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर फिर तेज हुई बहस
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजनों और गतिविधियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है. एक तरफ सरकार कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं. हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे, सड़क जाम और बिना अनुमति धार्मिक आयोजनों को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाती रही है. मुख्यमंत्री के ताजा बयान को भी उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है.