Avimukteshwaranand News Update: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन शोषण के केस में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 25 मार्च को अग्रिम जमानत दे दी है। जमानत मिलने के बाद उन्होंने कहा कि हमारे बटुक लोग बहुत खुश हैं।
बटुकों में खुशी और उत्साह का माहौल
जब उनसे आगे की योजना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे अपने धार्मिक कामों में लगे हुए हैं और गौ-सेवा का काम जारी रखेंगे। मठ में माहौल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमारे बटुकों में बहुत उत्साह है। उन्होंने बाजा बजाकर और जयकारे लगाकर अपनी खुशी दिखाई।
सत्य की जीत और आगे की रणनीति
जब इस फैसले को विरोधियों का हार बताया गया , तो उन्होंने कहा, विरोधियों की बात मत करें। यह असत्य की हार है। असत्य हमेशा हारता है और सत्य की ही जीत होती है। जो भी जीतना चाहता है, उसे सत्य के साथ खड़ा होना चाहिए हालांकि, आगे के कदम के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा।
हाई कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी दोनों को अग्रिम जमानत दी है। जज जितेंद्र कुमार सिन्हा ने ये आदेश सुनाया। साथ ही अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ता दोनों इस मामले में मीडिया को कोई बयान नहीं देंगे।
गिरफ्तारी पर पहले से लगी रोक
पहले ही अदालत ने उनके गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि झूंसी थाने में दर्ज नाबालिगों के कथित यौन उत्पीड़न के केस में फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
पुलिस जांच में सहयोग और एफआईआर दर्ज
अदालत ने आवेदनकर्ता को पुलिस जांच में मदद करने का निर्देश भी दिया था। दरअसल, प्रयागराज की पॉक्सो अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें कई शिष्यों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।