Jan Shatabdi Express Cancelled: दक्षिण पूर्व रेलवे ने गुरुवार (26 मार्च 2026) को हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस के परिचालन में अचानक कटौती कर दी है. रेलवे के नए आदेश के अनुसार, यह ट्रेन अब टाटानगर स्टेशन से आगे नहीं जाएगी और यहीं से वापस लौट जाएगी. इस फैसले का सीधा असर कोल्हान और चाईबासा क्षेत्र के सैकड़ों यात्रियों पर पड़ेगा. चाईबासा, नोवामुंडी, बड़ाजामदा और बड़बिल जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के लिए टिकट बुक करा चुके यात्रियों को अब अपनी यात्रा टाटानगर में ही समाप्त करनी होगी या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना होगा.
देरी और समय परिवर्तन बना कटौती का मुख्य कारण
जानकारों के अनुसार, हावड़ा से ट्रेन के लेट रवाना होने और बार-बार समय बदलने के कारण रेलवे अक्सर परिचालन दूरी में कटौती करता है. परिचालन को सुव्यवस्थित करने के नाम पर जनशताब्दी एक्सप्रेस को टाटानगर या बड़ाजामदा में ही टर्मिनेट कर दिया जाता है. इस बार भी हावड़ा से देरी के चलते इसे टाटानगर तक ही सीमित रखा गया है. यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि ट्रेन के गंतव्य तक न जाने की स्थिति में रेलवे द्वारा आगे की यात्रा के लिए कोई वैकल्पिक सुविधा या सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती है.
हजारों यात्रियों की बढ़ी मुसीबत, चाईबासा-बड़बिल रूट प्रभावित
जनशताब्दी एक्सप्रेस के टाटानगर में ही रद्द हो जाने से कोल्हान और ओडिशा सीमा से जुड़े स्टेशनों के यात्रियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से उन यात्रियों को अधिक परेशानी हो रही है जो लंबी दूरी तय कर चाईबासा या बड़बिल लौटना चाहते थे. रेलवे के इस फैसले से चाईबासा-बड़बिल रूट के यात्रियों में गहरा रोष व्याप्त है, क्योंकि ऐन वक्त पर उन्हें बस या निजी वाहनों के लिए 200 से 500 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं.
टिकट रिफंड और वैकल्पिक साधनों की तलाश
जिन यात्रियों ने टाटानगर से आगे बड़बिल या चाईबासा तक का टिकट लिया था, उन्हें आंशिक रिफंड की प्रक्रिया के लिए स्टेशन के काउंटरों पर लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है. वर्तमान में टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य पैसेंजर ट्रेनों या सड़क मार्ग का विकल्प तलाश रहे हैं.