मुलाकात के दौरान पत्रकार पेंशन योजना, पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों से जुड़ी लंबित मांगों पर सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी पत्रकार संगठनों द्वारा विधानसभा के सामने किए गए धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था।
घायल फोटो पत्रकार को मिली आर्थिक सहायता
बैठक के दौरान हाल ही में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए जमशेदपुर के फोटो पत्रकार संजीब दत्ता के मामले पर भी चर्चा हुई। संगठन की पहल पर मुख्यमंत्री राहत कोष से उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
बताया गया कि दुर्घटना के बाद संजीब दत्ता का इलाज लगभग दो महीने तक मणिपाल अस्पताल में चला, जिसमें करीब 25 लाख रुपये का खर्च आया। राज्य में पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ा, वहीं पत्रकार संगठनों और साथियों ने भी आर्थिक सहयोग किया।
ये लोग रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान रांची जिला अध्यक्ष पंकज सिंह, जिला सचिव हेमंत मांझी, आकाश कुमार सोनी, वीर सिंह सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने लिया संकल्प
बैठक के बाद पत्रकारों ने संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से निरंतर संवाद और समन्वय का प्रयास जारी रखा जाएगा।