Giridih Big News: गिरिडीह जिले के सदर अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. शनिवार देर रात अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो जाने से अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया. रविवार शाम तक भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी. हालात ऐसे हो गए कि गंभीर रूप से घायल मरीजों का उपचार मोबाइल की फ्लैश लाइट की मदद से करना पड़ा.
जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तिगोंजोरी गांव निवासी नीलमुनि देवी, अजय हेंब्रम, अनुष्का हेंब्रम, विजय किस्कू और पवन किस्कू सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. बताया जाता है कि उनकी बाइक और ऑटो के बीच टक्कर हो गई थी. दुर्घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बिजली संकट की समस्या का सामना करना पड़ा.
बिजली नहीं रहने के कारण अस्पताल परिसर अंधेरे में डूबा रहा. इमरजेंसी वार्ड और ड्रेसिंग कक्ष में भी रोशनी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी. इस दौरान एक घायल का सिर फट गया था, जिसका उपचार करने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मोबाइल की फ्लैश लाइट का सहारा लेना पड़ा. यह स्थिति देखकर मरीजों के परिजन भी चिंतित और नाराज नजर आए.
घायल के परिजन काली सोरेन ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड तक में बिजली नहीं थी, जिससे इलाज में काफी दिक्कत हुई. बाद में देर रात करीब 12 बजे अस्पताल के बिजली विभाग के कर्मचारी पहुंचे और जनरेटर चालू किया, तब जाकर कुछ हद तक स्थिति संभल सकी.
वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक प्रदीप बैठा ने कहा कि रात में बिजली गुल होने की जानकारी उन्हें नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में बिजली व्यवस्था सामान्य है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.