Jharkhand: असम में संभावित विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, वहां राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी राज्य में अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश में जुट गया है। पार्टी के इस प्रयास के तहत झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 10 मार्च को असम का दौरा करेंगे।
विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री अपने इस दौरे के दौरान असम में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात करेंगे। वे 10 मार्च की रात असम में ही रुकेंगे और अगले दिन यानी 11 मार्च को वापस रांची लौट आएंगे।
इससे पहले भी कर चुके हैं असम का दौरा
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम जा रहे हैं। इससे पहले फरवरी महीने में भी उन्होंने असम का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने वहां के चाय बागानों में रहने वाले लाखों आदिवासी समुदायों की समस्याओं को उठाया था।
आदिवासी अधिकारों का उठाया था मुद्दा
अपने पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने असम के चाय बागानों में रहने वाले करीब 70 लाख आदिवासियों खासकर मुंडा, उरांव और संथाल समुदाय के अधिकारों की बात की थी। उन्होंने इन समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने की मांग को भी जोर-शोर से उठाया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो झारखंड के आदिवासी भी उनके समर्थन में असम पहुंचेंगे।
चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधि
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के लगातार असम दौरे के पीछे वहां होने वाले संभावित विधानसभा चुनाव भी एक अहम वजह है। अप्रैल या मई में असम में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके मद्देनजर विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।