Jharkhand News: आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं. झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने मंत्री के बेटे सूर्य सोनल सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह की क्रिमिनल रिवीजन याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. इस फैसले के साथ ही निचली अदालत की कार्यवाही पर लगी रोक हट गई है, जिससे अब उनके खिलाफ मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी.
ट्रायल का रास्ता साफ, अब गवाह पेश करेगी ED
हाईकोर्ट से याचिका रद्द होने के बाद अब पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में लंबित मामला दोबारा सक्रिय हो गया है. चूंकि मामले में पहले ही आरोप तय (Charge Frame) किए जा चुके हैं, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब साक्ष्य और गवाह पेश कर सीधे ट्रायल शुरू करेगा. इससे पहले आरोपियों ने डिस्चार्ज पिटीशन के जरिए राहत मांगी थी, जिसे अदालत ने 2017 में ही ठुकरा दिया था.
करोड़ों का अवैध साम्राज्य: परिवार के पांच सदस्य आरोपी
ED की जांच के अनुसार, कमलेश सिंह के मंत्रित्व काल के दौरान 5 करोड़ 83 लाख 64 हजार 197 रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी. इस घोटाले में पूर्व मंत्री के साथ उनकी पत्नी मधु सिंह, बेटा सूर्य सोनल सिंह, बेटी अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित काली कमाई को परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश किया गया था.
जेल में बीत चुका है वक्त
मालूम हो कि वर्ष 2017 में रांची की विशेष ईडी अदालत ने सूर्य सोनल सिंह और उनके बहनोई नरेंद्र मोहन सिंह को जेल भेजा था. आय से अधिक संपत्ति के इस गंभीर मामले में लंबे समय तक कानूनी दांव-पेंच के बाद अब हाईकोर्ट के ताजा रुख ने आरोपियों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है.