Jharkhand: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दस फर्जी कंपनियों के बैंक खातों से 60 लाख रुपये जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान सामने आया कि कुल 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। अब तक इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
इस घोटाले का मास्टरमाइंड कोलकाता निवासी शिव कुमार देवड़ा बताया जा रहा है, जो कथित रूप से पूरे फर्जीवाड़े का संचालन कर रहा था। उसके साथ मोहित देवड़ा, अमित गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया भी इस जालसाजी में शामिल थे। ईडी ने इनमें से दो आरोपियों से पहले ही गहन पूछताछ की है और अब शिव कुमार देवड़ा से भी गहराई से पूछताछ की जा रही है।
एजेंसी ने 8 मई को रांची, कोलकाता और जमशेदपुर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई। जांच में पता चला है कि गिरोह ने फर्जी GST पंजीकरण कर, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया और अब तक करीब 14,325 करोड़ रुपये के जाली चालान तैयार किए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के पहलुओं की भी गंभीरता से जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।