Jamshedpur Big News: जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र के नामदा बस्ती में बुधवार को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल फल कारोबारी कन्हैया यादव की देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी मौत की खबर मिलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया. परिजन और बस्तीवासी बड़ी संख्या में गोलमुरी थाना पहुंचे और जमकर हंगामा किया.
कन्हैया यादव ने थाने में दिया था आवेदन
परिजनों का आरोप है कि कन्हैया यादव ने कुछ दिन पहले ही थाने में आवेदन देकर बताया था कि उनकी रेकी की जा रही है और उन्हें लगातार धमकी भरे कॉल व मैसेज मिल रहे हैं. इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो कन्हैया यादव की जान बच सकती थी.
थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई घटना
यह वारदात बुधवार सुबह गोलमुरी थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 3 बदमाश बाइक पर सवार होकर आए और कन्हैया यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. करीब पांच राउंड गोलियां चलीं, जिसमें कन्हैया यादव गंभीर रूप से घायल हो गए. गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए.
कन्हैया यादव को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया.
पुराने विवाद में हुआ हमला
सूत्रों के मुताबिक यह हमला टीन प्लेट काली मंदिर कमिटी के अध्यक्ष पद और 2016 से चले आ रहे एक विवाद से जुड़ा हुआ है. पहले इस कमिटी के अध्यक्ष बिल्ला पाठक था, बाद में कन्हैया यादव बने. इसी अदावत को हमले की वजह माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में बिल्ला पाठक और विक्की सिंह उर्फ कुंडी का नाम सामने आया है.
पुलिस कर रही जांच
घटना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
यह वारदात ऐसे समय हुई है जब नगर निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है. इसके बावजूद थाना के पास दिनदहाड़े गोलीबारी और अब पीड़ित की मौत ने जमशेदपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जमशेदपुर में बढ़ता अपराध
बीते एक साल से शहर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. कहीं इनकाउंटर, कहीं अपहरण तो कहीं दिनदहाड़े फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. नशे का कारोबार और अवैध हथियारों की सप्लाई भी बेखौफ जारी है. हाल ही में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ था.
गोलमुरी की यह घटना साफ दिखाती है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे अब किसी भी समय, किसी भी जगह वारदात करने से नहीं डर रहे हैं.