Ranchi: रांची नगर निगम के मेयर पद को लेकर चल रही चुनावी सरगर्मी के बीच शनिवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के अलावा मैदान में उतरे भाजपा और झामुमो से जुड़े कई नेताओं ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया। इस कदम से दोनों प्रमुख दलों भाजपा और झामुमो ने राहत की सांस ली है।
आजसू पार्टी से जुड़े सदस्य ने नामांकन वापस नहीं लिया
भारतीय जनता पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए रोशनी खलखो को आधिकारिक समर्थन दिया गया है। पार्टी के निर्णय के बाद भाजपा से जुड़े अन्य नेताओं राजेंद्र मुंडा, सुनील फकीरा कच्छप और संजय टोप्पो ने अपना नामांकन वापस लेकर पार्टी लाइन का पालन किया। हालांकि, आजसू पार्टी से जुड़े और चडरी सरना समिति के प्रधान महासचिव तथा केंद्रीय सरना समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र लिंडा ने नामांकन वापस नहीं लिया और वे चुनाव मैदान में डटे हुए हैं।
11 प्रत्याशी चुनावी दौड़ में शेष
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत स्क्रूटनी के बाद कुल 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे थे। इसके बाद आठ उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लिए जाने के बाद अब मेयर पद के लिए 11 प्रत्याशी चुनावी दौड़ में शेष रह गए हैं।
दूसरी ओर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मेयर पद के लिए सुजीत विजय आनंद कुजूर को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है। झामुमो से कुल पांच अन्य नेताओं ने भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन पार्टी के फैसले के बाद सभी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने वालों में कथरीना तिर्की, रामशरण तिर्की, अजीत लकड़ा, सुजीत कुमार कुजूर और वीरु तिर्की शामिल हैं।
नामांकन वापस लेने के लिए राजी किया
इन नामांकन वापसी में रांची जिला झामुमो अध्यक्ष मुश्ताक आलम की भूमिका अहम रही। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी नेताओं से बातचीत की, उन्हें पार्टी हित में फैसला लेने के लिए समझाया और आखिर में सभी को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर लिया।
मतदाताओं की निगाहें अब शेष प्रत्याशियों पर टिकी
अब नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रांची नगर निगम के मेयर पद का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। राजनीतिक दलों की एकजुटता के बीच मतदाताओं की निगाहें अब शेष प्रत्याशियों पर टिकी हुई हैं।