Giridih: गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी मैदान के समीप गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। उज्ज्वल पब्लिक स्कूल, तिसरी की एक स्कूल वैन बच्चों को लेकर तेज रफ्तार में स्कूल जा रही थी, तभी नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड़ पर चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे बने गड्ढे में पलट गया। इस हादसे के वक्त वैन में करीब 10 बच्चे सवार थे।
तीन बच्चों को आई हल्की चोटें
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित वाहन से बाहर निकाला। इस दुर्घटना में तीन बच्चों को चोटें आईं, हालांकि गनीमत रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।
तीनों घायल की पहचान
घायल बच्चों की पहचान बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी (पिता गणेश पासवान), 8 वर्षीय बिपिन सिंह (पिता शारदा सिंह) और 10 वर्षीय मरिता बेसरा के रूप में की गई है। सभी घायलों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने चालाक पर लगाया आरोप
घटना के संबंध में परिजनों और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि स्कूल वैन चालक को पहले भी कई बार तेज गति से वाहन चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धीमी रफ्तार से गाड़ी चलाने की बात कही गई थी, लेकिन चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
वहीं ग्रामीणों ने दुर्घटना के लिए सड़क निर्माण में लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि पीसीसी सड़क के किनारे बने गड्ढों को अब तक नहीं भरा गया है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल वैन चालक अप्रशिक्षित है और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हो सकता, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नियमों का खुला उल्लंघन
इस पूरे मामले में जब वाहन संख्या JH10BT3853 की जानकारी एम-परिवहन पोर्टल पर खंगाली गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिकॉर्ड के अनुसार, उक्त वाहन की फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध थी, जबकि वाहन का बीमा 25 मार्च 2020 को ही समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद बच्चों को प्रतिदिन इसी वाहन से ढोया जा रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
पहले भी आया उज्ज्वल पब्लिक स्कूल सवालों के घेरे
बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब उज्ज्वल पब्लिक स्कूल सवालों के घेरे में आया हो। इससे पूर्व भी विद्यालय में एक छात्र के साथ शिक्षक द्वारा कथित रूप से मारपीट की घटना सामने आ चुकी है, जिस पर विभागीय जांच भी हुई थी।
कई गंभीर सवाल खड़े
ऐसे में यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या निजी विद्यालयों पर सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य नहीं है? यदि है, तो फिर इन नियमों की निगरानी कौन कर रहा है? बिना फिटनेस और बीमा के वाहन आखिर किसके संरक्षण में बच्चों को ढो रहे हैं? और यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या निजी विद्यालयों की इस मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।