Jharkhand News: केंद्र सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी देने के लिए कुल 15,26,254.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. यह व्यवस्था 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है.
इन सिफारिशों के अनुसार, झारखंड को केंद्रीय करों में 3.357 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी. इस हिस्सेदारी के तहत राज्य को अगले वित्तीय वर्ष में करीब 51,236.37 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. हालांकि झारखंड सरकार ने केंद्र से 3.03 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन बजट प्रावधान के अनुसार इससे काफी कम राशि ही मिल पाएगी.
वित्त आयोग की व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार को मिलने वाले कुल कर राजस्व में से 41 प्रतिशत राशि राज्यों के बीच बांटी जाती है, जबकि शेष 59 प्रतिशत केंद्र अपने पास रखता है. राज्यों को दी जाने वाली 41 प्रतिशत राशि का बंटवारा आबादी, क्षेत्रफल, गरीबी, वन क्षेत्र और अन्य तय मानकों के आधार पर किया जाता है.
झारखंड को अब तक सिफारिशों के अनुसार निर्धारित राशि नहीं मिल पाई
झारखंड को अब तक किसी भी वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पूरी निर्धारित राशि नहीं मिल पाई है. राज्य सरकार ने पहले 12वें से 15वें वित्त आयोग के दौरान भी कम राशि मिलने का मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई ठोस लाभ नहीं मिला.
सबसे बड़ा झटका यह है कि GST Compensation के रूप में झारखंड समेत किसी भी राज्य को एक रुपया भी नहीं मिलेगा. राज्य सरकार का कहना है कि GST लागू होने और बाद में किए गए संशोधनों के कारण झारखंड को हर साल 1500 से 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. इस नुकसान की भरपाई की मांग GST काउंसिल की बैठकों में की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में GST मुआवजे के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है.
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार ने 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-31) के लिए केंद्रीय करों में 3.03 लाख करोड़ रुपये हिस्सेदारी की मांग की थी. लेकिन मौजूदा बजट को देखते हुए राज्य की मांग पूरी होने की संभावना नहीं दिख रही है. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक किसी भी वित्त आयोग के कार्यकाल में झारखंड को उसकी पूरी अनुशंसित राशि नहीं मिली है.
केंद्रीय करों से कुछ राज्यों को मिलने वाली अनुमानित राशि:
• बिहार: 9.948% — 1,51,831.80 करोड़
• छत्तीसगढ़: 3.304% — 50,527.45 करोड़
• झारखंड: 3.357% — 51,236.37 करोड़
• ओडिशा: 4.420% — 67,460.46 करोड़
• पश्चिम बंगाल: 7.215% — 1,10,119.27 करोड़
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट में झारखंड को कर हिस्सेदारी तो मिलेगी, लेकिन GST मुआवजा नहीं मिलने और मांग से कम राशि मिलने से राज्य की आर्थिक चुनौतियां बनी रहेंगी.