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  • 2026-02-01

Jharkhand Politics: ऊर्जा विभाग की FD पर सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन से की जांच की मांग

Jharkhand Politics: झारखंड में एक बार फिर बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों से राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ऊर्जा विभाग की 160 करोड़ रुपये की एफडी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि सरकार टेंडर और कमीशन के खेल से आगे बढ़कर अब सीधे सरकारी खजाने पर हाथ साफ कर रही है.

सरयू राय की पोस्ट चर्चा में
मरांडी ने विधायक सरयू राय की पोस्ट का हवाला देते हुए लिखा कि वह वित्तीय अनियमितताओं की बारीकियों को अच्छी तरह समझते हैं और पहले भी बड़े घोटालों को उजागर करने में उनकी अहम भूमिका रही है. इसी संदर्भ में उन्होंने सरयू राय के खुलासे को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से तुरंत जांच की मांग की है.

ऊर्जा विभाग ने कराई थी 160 करोड़ रुपये की एफडी
सरयू राय के अनुसार, झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग ने केनरा बैंक और एक अन्य बैंक में 160 करोड़ रुपये की एफडी कराई थी. जब एफडी की परिपक्वता तिथि पर अधिकारी राशि निकालने बैंक पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि विभाग के नाम पर कोई एफडी शेष नहीं है. सवाल यह है कि यह पैसा किसने और कैसे निकाला. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

ऊर्जा विभाग में अवैध तरीके से पैसा निकाला जा रहा
मरांडी ने आगे आरोप लगाया कि जैसे चारा घोटाले में कोषागार से फर्जी निकासी की गई थी, उसी तरह अब ऊर्जा विभाग के खाते से भी अवैध तरीके से पैसा निकाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि जेबीवीएनएल के खातों में जमा होने वाले बिजली बिलों पर मिलने वाला ब्याज तक तौर पर गबन कर लिया गया है.

मुख्यमंत्री के अधीन है ऊर्जा विभाग
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑडिट रिपोर्ट में 21.51 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिल रहा है. इसके अलावा पेयजल विभाग से भी खातों के जरिए 23 करोड़ रुपये निकाले जाने का आरोप है. मरांडी ने सवाल उठाया कि जब ऊर्जा विभाग खुद मुख्यमंत्री के अधीन है, तो इतनी बड़ी निकासी बिना जानकारी के कैसे हो सकती है.

सरकार की गंभीर विफलता
मरांडी ने कहा कि यदि यह सब मुख्यमंत्री की जानकारी में हुआ है, तो यह सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचार का मामला है. और यदि जानकारी नहीं है, तो यह सरकार की गंभीर विफलता को दर्शाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह चारा घोटाले में दोषियों को सजा मिली, उसी तरह इन मामलों में शामिल लोगों को भी एक दिन जवाब देना होगा.
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