Jamshedpur News: जमशेदपुर के बारीडीह इलाके से सामने आई एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है. 31 वर्षीय प्रियंका की मौत को पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या बताया है, जबकि मायके पक्ष का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि साजिशन हत्या है. मामला दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़ा बताया जा रहा है.
प्रियंका पहले विजया गार्डन स्थित ससुराल में रहती थी. यहां पति प्रशांत कुमार और ससुराल वालों के साथ उसके रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने रहते थे. बताया गया कि पति टिस्को में कार्यरत है और पति-पत्नी के बीच अक्सर मारपीट होती थी. दहेज को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मायका और ससुराल पक्ष के बीच समझौता कराना पड़ा. इसके बाद दोनों को बारीडीह स्थित क्वार्टर में शिफ्ट कराया गया, जहां वे अपने बच्चे के साथ रहने लगे.
गुरुवार दोपहर की घटना
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे प्रियंका की बारीडीह क्वार्टर में मौत हो गई. उस समय पति ड्यूटी पर था. ससुराल पक्ष ने मायके वालों को फोन कर बताया कि प्रियंका ने मौत हो गई है. मायके पक्ष का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी पति ने तुरंत काम छोड़कर आने की कोशिश नहीं की और वह पहुंचा.
धमकियों और प्रताड़ना के आरोप
मायके वालों का कहना है कि प्रियंका को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. देवर अमन कुमार जो ऑस्ट्रेलिया में रहता था, वहां से भी धमकियां देता था. पति द्वारा दूसरी शादी की धमकी देने की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि अमन कुमार दो दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया से लौटा था और इसके बाद यह घटना घटी.
हत्या का आरोप और पुलिस कार्रवाई
मायके पक्ष का कहना है कि प्रियंका मजबूत स्वभाव की थी और वह आत्महत्या नहीं कर सकती. उनके अनुसार यह हत्या का मामला है. घटना के बाद देवर अमन कुमार को सिदगोड़ा थाना पुलिस ने हिरासत में लिया. थाने में देवर को देखते ही मायके पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए. प्रियंका का मायका कदमा में बताया गया है.
यह मामला केवल एक घरेलू विवाद नहीं बल्कि दहेज और पारिवारिक दबाव से जुड़ी गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है. पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या है या हत्या, लेकिन घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है.