Seraikela News: सरायकेला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सीआरपी, बीआरपी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
उपायुक्त ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रों की नियमित उपस्थिति, एफएलएन मिशन के लक्ष्य और शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जो शिक्षक और कर्मी बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत निलंबन और बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जाए.
सभी विद्यालयों में रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने, छूटे बच्चों का आधार नामांकन और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम है, वहां अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाने को कहा गया.
उन्होंने सभी बीईईओ, बीआरपी और सीआरपी को अपने नामित विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, शिक्षण गुणवत्ता की समीक्षा करने और विद्यार्थियों की काउंसलिंग करने का निर्देश दिया ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़े.
बैठक में ई विद्यावाहिनी पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति, आवासीय विद्यालयों में नामांकन, समग्र शिक्षा अभियान के तहत संरचनात्मक सुविधाओं, निर्माण और मरम्मति कार्यों तथा खेल गतिविधियों की भी समीक्षा की गई.
उपायुक्त ने छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने के लिए आवेदन लेकर शीघ्र विभाग को भेजने को कहा. उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्रधरपुर राजनगर का भवन जर्जर पाए जाने पर बच्चों को वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित करने और मरम्मति व अतिरिक्त कक्ष निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया.
सभी विद्यालयों में फोलिक एसिड और आयरन टैबलेट वितरण का डाटा समय पर पोर्टल पर दर्ज करने, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की ड्रेस मद की राशि डीबीटी से खाते में भेजने और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े लंबित मामलों को सुधार कर दोबारा भेजने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के बाद प्रखंड और अंचल कार्यालयों में प्रतिनियुक्त शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में योगदान दें. उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और योजनाओं का समय पर लाभ बच्चों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निगरानी की जाएगी.