Jharkhand News: रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बजट पूर्व संगोष्ठी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आर्थिक दिशा को लेकर बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड को अब ऐसा बजट चाहिए जो केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे बल्कि हर वर्ग की जरूरतों को छू सके. राज्य में संसाधनों और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इन्हीं क्षमताओं को जोड़कर मजबूत बहुआयामी बजट तैयार किया जाएगा.
झारखंड में संभावनाओं की कमी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में उद्यमी हैं, किसान हैं, खेल में आगे बढ़ते युवा हैं और पर्यटन को भी नई ऊंचाई पर ले जाने की पूरी संभावना है. ग्रामीण परंपराओं को बनाए रखते हुए विकास को गति दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि हमारे पास लाह और कोकून जैसे संसाधन हैं लेकिन वैल्यू एडिशन की कड़ी कमजोर है जिसे फिर से जोड़ने की जरूरत है.
लोगों को बजट से जोड़ेगी सरकार
सीएम ने कहा कि इस बार बजट सिर्फ सरकार का दस्तावेज नहीं होगा बल्कि लोगों की भागीदारी से बनेगा. हर विभाग को स्पष्ट जिम्मेवारी मिलेगी ताकि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे. वर्क फोर्स को मजबूत किया जाएगा और वित्त विभाग में पदों की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा.
टारगेट आधारित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने टारगेट के साथ काम करना शुरू कर दिया है. टूरिज्म, कृषि, शिक्षा, खेल और आधारभूत संरचना पर फोकस किया गया है. शहरीकरण बढ़ रहा है और शहरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम करना होगा. गांव से शहर तक के आर्थिक संबंधों को मजबूत करना जरूरी है ताकि दोनों एक दूसरे को मजबूती दे सकें.
कृषि में नए प्रयोग से मिल रहे बेहतर नतीजे
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग किए जा रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. झारखंड में जल और भूमि जैसे संसाधन भरपूर हैं लेकिन उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है. नई पीढ़ी की जरूरतें अलग हैं और उन्हें नए अवसर देने के लिए मजबूत आधारभूत संरचना जरूरी है.
देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड की बड़ी भूमिका
सीएम ने कहा कि झारखंड भले ही छोटा राज्य है लेकिन यहां बड़ी आर्थिक गतिविधियां होती हैं. खनन जैसे क्षेत्रों में राज्य का योगदान देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है. सरकार का उद्देश्य है कि राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए ताकि हर वर्ग को विकास का लाभ मिल सके.
सीएम के वक्तव्य से साफ है कि सरकार बजट को सिर्फ वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि विकास का माध्यम बनाना चाहती है. संसाधनों के बेहतर उपयोग और लोगों की भागीदारी से झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है.