Jharkhand News: लोहरदगा जिले में सरस्वती पूजा विसर्जन के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया. कुडू थाना क्षेत्र के बारीडीह गांव में पूजा से जुड़ा विवाद हिंसा में बदल गया, जिससे गांव में दहशत फैल गई. हालात को संभालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
विसर्जन और डीजे को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार सरस्वती पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा को गांव में घुमाने और डीजे बजाने को लेकर आपसी विवाद हुआ. देखते ही देखते मामला बढ़ गया और एक समुदाय की भीड़ ने दूसरे समुदाय के लोगों और उनके घरों को निशाना बना लिया.
घरों में तोड़फोड़ और लोग घायल
हिंसा के दौरान कई घरों में तोड़फोड़ की गई. झड़प में कई लोग घायल हो गए. घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को भी प्रतिमा भ्रमण के दौरान एक मुस्लिम परिवार के घर के छप्पर से प्रतिमा सटने को लेकर विवाद हुआ था. उस समय आपसी समझदारी से मामला शांत करा लिया गया था. रविवार सुबह वही विवाद दोबारा उभर आया और हिंसक रूप ले लिया.
पुलिस और प्रशासन मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही कुडू थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल का बाइक दस्ता मौके पर पहुंच गया. लोहरदगा के पुलिस कप्तान सादिक अनवर रिजवी सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी गांव पहुंचे. पुलिस ने झड़प में घायल तीन लोगों को कुडू के सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया है.
स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिश
पुलिस और प्रशासन की ओर से क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और हालात को काबू में करने का प्रयास जारी है. फिलहाल इस घटना को लेकर किसी भी सरकारी अधिकारी का औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.
यह घटना दर्शाती है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान छोटी सी असहमति भी बड़े टकराव का कारण बन सकती है. समय रहते सतर्कता और संवाद से हालात को बिगड़ने से रोका जा सकता था. प्रशासन के लिए यह एक सबक है कि ऐसे संवेदनशील आयोजनों के दौरान सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाए.