उपायुक्त ने योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि संवादहीनता या समनव्य के अभाव में योजनाओं की प्रगति बाधित नहीं हो इसे सभी विभागीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे ।
भुगतान प्रक्रियाओं में समन्वय पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि कई योजनाएं ऐसी हैं जिनमें एक से अधिक विभागों की भूमिका होती है, ऐसे में आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान करें और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से आधारभूत संरचना निर्माण से संबंधित कार्यों, भूमि हस्तांतरण, विद्युत संयोजन, भौतिक सत्यापन, लाभुक सत्यापन तथा भुगतान प्रक्रियाओं में समन्वय पर जोर दिया गया ।
जिला कल्याण पदाधिकारी को
जिला कल्याण पदाधिकारी को जीरो ऑक्यूपेंसी, 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी या वैसे हॉस्टल जिनका संचालन तत्काल शुरू किया जा सकता, उन सभी का भौतिक सत्यापन कराते हुए वजहों को रेखांकित कर रिपोर्ट करने की बात कही गई। साथ ही स्कूलों में भवन निर्माण, हैंडओवर संबंधी समस्या आदि को लेकर स्पष्ट निदेश दिया गया कि संबंधित बीडीओ/सीओ प्राथमिकता से समन्वय बनाकर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करायें।
जमीन हस्तांतरित कर दिया गया
मइयां सम्मान योजना के एक लाख से ज्यादा लाभुकों का भौतिक सत्यापन लंबित है, लाभुकों का भौतिक सत्यापन जल्द पूर्ण करने का निदेश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि सत्यापन कार्य में अनैतिक गतिविध की शिकायत किसी कर्मी को लेकर प्राप्त होने पर तत्काल नौकरी से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों के क्रियान्वयन को लेकर जिन-जिन विभागों को अंचल से जमीन हस्तांतरित कर दिया गया है, उक्त स्थलों में संबंधित विभाग को बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया। सभी प्रखंडों में आदिम जनजाति सबर परिवारों के बीच कराए गए सर्वे को लेकर उपायुक्त ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि सबर परिवारों में ड्रॉप आउट की संख्या को कम से कम करें, वापस बच्चों को शिक्षा से जोड़ें, सबर समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की योजनाओं से जोड़ते हुए सैचुरेशन मोड में लाएं।
प्रशासनिक कारणों से विलंब सामने आया
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुछ मामलों में तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से विलंब सामने आया है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इन बाधाओं की पहचान कर आपसी समन्वय से शीघ्र समाधान निकालें, ताकि लाभुकों को समय पर लाभ मिल सके। उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, क्षेत्र भ्रमण के दौरान वस्तुस्थित का आकलन करें तथा समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि
उपायुक्त ने अंत में कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल कागजी आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण और वस्तुस्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया।