नागाडीह हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने अक्तूबर 2025 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन डॉक्टर मार्डी शुरू से फरार था। मालूम हो कि 18 मई 2017 की शाम बच्चा चोरी की अफवाह पर बागबेड़ा के नागाडीह में एक वृद्धा और तीन युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अदालत में राजाराम हांसदा, रेंगो पूर्ति, गोपाल हांसदा, सुनील सरदार और तारा मंडल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, अन्य कई बरी हो गए थे। इधर, मार्डी की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हुआ था, पर वह हाथ नहीं लगा।
18 मई 2017 को क्या हुआ था नागाडीह गांव में?
बागबेड़ा के नागाडीह में 18 मई 2017 को बच्चा चोरी के अफवाह में उग्र भीड़ ने पुलिस के सामने ही जुगसलाई के रामटेकरी रोड स्थित नया बस्ती निवासी विकास कुमार वर्मा और गौतम कुमार वर्मा (दोनों भाई) और विकास के दोस्त सह गाढ़ाबासा निवासी गंगेश की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. भीड़ की पिटाई से विकास कुमार वर्मा की दादी रामसखी देवी बुरी तरह जख्मी हो गयीं थीं. टीएमएच में इलाज के दौरान 20 जून को उनकी भी मौत हो गयी. घटना के दूसरे दिन यानी 19 मई को मृतक के भाई उत्तम वर्मा के बयान पर बागबेड़ा थाना में 16 नामजद समेत 300 अज्ञात के विरुद्ध केस (थाना कांड संख्या 91/2017) दर्ज कराया था.