छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप
प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण सेमेस्टर-4 के परीक्षा परिणाम में व्यापक स्तर पर त्रुटियां सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सैकड़ों छात्रों के अंक गलत तरीके से दर्ज किए गए हैं। कई प्रतिभाशाली छात्रों को बिना किसी ठोस या स्पष्ट कारण के फेल (Fail) कर दिया गया है। डेटा एंट्री और मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी पारदर्शिता की कमी देखी जा रही है।
भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा
घेराव के दौरान छात्र नेताओं ने केवल रिजल्ट ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन में भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है। छात्रों की नियमित समस्याओं की अनदेखी की जा रही है और शिकायतों के निवारण के लिए कोई ठोस तंत्र नहीं है।
विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य को मजाक समझ रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण हमें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्र नेता, एबीवीपी
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा। छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द परीक्षा परिणामों में सुधार नहीं किया गया और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई गई, तो विद्यार्थी परिषद पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में उग्र आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस मामले की जांच करने और त्रुटियों को सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।