Jharkhand News: झारखंड में बढ़ती गर्मी और पेयजल की किल्लत को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने कमर कस ली है. विभाग के सचिव अबू इमरान ने राज्य के सभी जिलों और नगर निकायों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को निरंतर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. विभाग ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800 345 6502 भी जारी किया है, जिसे भविष्य में और छोटा करने के लिए आईटी विभाग से समन्वय किया जा रहा है.
मरम्मत और जल गुणवत्ता पर विशेष जोर
विभाग ने आदेश दिया है कि खराब पड़े नलकूपों और पाइपलाइनों की मरम्मत का कार्य अभियान चलाकर पूरा किया जाए. इसके लिए जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बंद पड़े नलकूपों को तत्काल क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए पेयजल के नमूनों की गुणवत्ता जांच जिला प्रयोगशालाओं में कराने और इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मुख्यालय को भेजने को कहा गया है. विभाग की योजना है कि मरम्मत और रखरखाव के कार्यों की हर महीने जिला उपायुक्तों द्वारा समीक्षा की जाए.
जलाशयों को प्रदूषण से बचाने की पहल
राजधानी रांची की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की गई है. गोंदा और रुक्का जलाशयों में शहर का गंदा पानी (सीवरेज) मिलने के कारण जल दूषित हो रहा है. इसे रोकने के लिए रांची नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि सीवरेज के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही जलाशयों में प्रवाहित किया जाए. इसके अलावा, आवासीय क्षेत्रों के वितरण नेटवर्क में नालों का गंदा पानी मिलने की समस्या को भी तत्काल दूर करने को कहा गया है ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके.
आधारभूत संरचना और विभागीय समन्वय
जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार ने पथ निर्माण विभाग को लंबित एनओसी (NOC) जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, नगर निगमों और नगर परिषदों में स्वतंत्र अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की जाएगी ताकि जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके. ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर आधारित जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को सौंपी गई है. सरकार का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक और अल्पकालिक उपायों के जरिए राज्य के हर हिस्से तक पानी पहुंचाना है.