Jamshedpur News: एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुलनगर निवासी 19 वर्षीय जीत महतो की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है. डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार युवक की मौत किसी प्रकार की मारपीट या प्रताड़ना से नहीं बल्कि लीवर और प्लीहा से जुड़ी बीमारी की जटिलता के कारण हुई है.
- प्राप्त जानकारी के अनुसार जीत महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वीडियोग्राफी की निगरानी में पूरी की गई. रिपोर्ट में शरीर के किसी भी हिस्से पर मौत से पहले की बाहरी चोट नहीं पाई गई है.
- पोस्टमार्टम में यह सामने आया है कि सिर, छाती, पेट, हाथ और पैर सहित पूरे शरीर का गहन आंतरिक परीक्षण किया गया लेकिन कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले. जांच के दौरान फेफड़े, मस्तिष्क, झिल्ली और अन्य आंतरिक अंगों में पीलिया के लक्षण पाए गए. लीवर हल्का बढ़ा हुआ और रंग में बदलाव के साथ पाया गया जबकि प्लीहा असामान्य रूप से बढ़ी हुई थी. पेट में थोड़ी मात्रा में म्यूकस मौजूद था और श्वासनली व फेफड़ों में फोम की पुष्टि हुई है.

- डॉक्टरों ने अपनी अंतिम राय में स्पष्ट किया है कि जीत महतो की मौत लीवर और प्लीहा से संबंधित बीमारी की जटिलता के कारण हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मौत का अनुमानित समय जांच से करीब 24 से 36 घंटे (रिपोर्ट की तिथि 1 जनवरी 2026) पूर्व का है.
पुलिस हिरासत में प्रताड़ना और मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोप मेडिकल आधार पर खारिज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस हिरासत में प्रताड़ना और मारपीट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को मेडिकल आधार पर खारिज माना जा रहा है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से की गई है और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार ही की जा रही है.
मौत को लेकर उठ रहे कई सवालों पर लगा विराम
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों ने युवक की मौत को लेकर उठ रहे कई सवालों पर विराम लगाया है. मेडिकल जांच में किसी तरह की बाहरी या आंतरिक चोट का न मिलना यह संकेत देता है कि मामला स्वास्थ्य संबंधी जटिलता से जुड़ा है. हालांकि, संवेदनशील मामलों में पारदर्शी जांच और स्पष्ट संवाद प्रशासन के लिए जरूरी होता है ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या अविश्वास की स्थिति न बने.