Ranchi News : अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब सभी अस्पतालों में नियमित रूप से फायर ड्रिल कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि आगजनी जैसी घटनाओं से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हर अस्पताल में नियमित फायर ड्रिल और सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य
नई गाइडलाइन के तहत सभी अस्पतालों, क्लीनिकों और स्वास्थ्य केंद्रों को नियमित फायर ड्रिल, सेफ्टी ऑडिट और कर्मचारियों की ट्रेनिंग सुनिश्चित करनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर किए जाने वाले मॉक ड्रिल से आपात स्थिति में कर्मचारियों की प्रतिक्रिया बेहतर होती है और जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है। इसके अलावा अस्पतालों में फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, स्प्रिंकलर और पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखना भी अनिवार्य किया गया है।
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने या जुर्माना लगाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
देश के कई स्वास्थ्य संस्थानों में फायर सेफ्टी की कमी सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुरक्षित बनाई जा सकें।