Ranchi News : राजधानी के सदर अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से 1.45 किलोग्राम वजन की बढ़ी हुई तिल्ली (स्प्लीन) का सफल ऑपरेशन किया है। जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
सामान्य से कई गुना बड़ी हो गई थी तिल्ली
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, मरीज लंबे समय से तिल्ली के असामान्य रूप से बढ़ जाने की समस्या से पीड़ित था। सामान्य रूप से तिल्ली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है, लेकिन इस मरीज की तिल्ली बढ़कर करीब 1.45 किलोग्राम हो गई थी। इसके कारण मरीज को पेट में लगातार दर्द, भारीपन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई और बिना किसी बड़ी जटिलता के बढ़ी हुई तिल्ली को निकाल दिया गया।
कम दर्द, कम संक्रमण और जल्दी रिकवरी का फायदा
डॉक्टरों ने बताया कि दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) तकनीक में पेट पर बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती। छोटे-छोटे छेद के जरिए कैमरे और विशेष उपकरणों की मदद से पूरी सर्जरी की जाती है। इस तकनीक से मरीज को कम दर्द होता है, खून कम बहता है, संक्रमण का खतरा भी कम रहता है और मरीज सामान्य सर्जरी की तुलना में जल्दी स्वस्थ हो जाता है।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि अब सदर अस्पताल में आधुनिक तकनीक की मदद से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को कम खर्च में उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध हो रहा है।