Ranchi News : हजारीबाग में अवैध खनन मामले को लेकर पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि संज्ञेय अपराध की शिकायत मिलने के बावजूद बड़ी बाजार ओपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और मुख्य आरोपी से ही जांच रिपोर्ट लेकर मामले को दबाने की कोशिश की गई।पर्यावरण कार्यकर्ता शनि कांत उर्फ मंटू सोनी ने हजारीबाग सीजीएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया है। शिकायत में वन विभाग के अधिकारी रविंद्र नाथ मिश्रा, डीएफओ पश्चिमी मौन प्रकाश, पूर्व पीसीसीएफ अशोक कुमार समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सीआईडी रिपोर्ट में भी अवैध खनन की पुष्टि का दावा
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता पवन कुमार यादव और प्रवीण प्रकाश ने अदालत में पक्ष रखा। इसके बाद सीजीएम कोर्ट ने हजारीबाग पुलिस से मामले में रिपोर्ट तलब की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि लगभग 156 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध खनन कराया गया, जिससे नदी क्षेत्र भी प्रभावित हुआ। उन्होंने दावा किया कि मामले की पुष्टि सीआईडी जांच रिपोर्ट में भी हुई है।
“आरोपियों से ही मांगी गई जांच रिपोर्ट”
शनि कांत ने कहा कि उन्होंने 10 नवंबर 2025 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज करने का आवेदन भेजा था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसी वन विभाग से जांच रिपोर्ट मांगी, जिसके अधिकारी खुद इस मामले में आरोपी हैं। शिकायतकर्ता ने इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है।