Ranchi News: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth ने शुक्रवार को रांची स्थित GAIL (India) Limited के क्षेत्रीय कार्यालय में पाइपलाइन गैस आपूर्ति और सिटी गैस वितरण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, गति और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि रांची के अधिक से अधिक घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
हर घर तक पहुंचे सस्ती और सुरक्षित गैस
संजय सेठ ने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल गैस सुविधा उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स का गठन कर युद्धस्तर पर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इस सुविधा से जोड़ा जा सके। बैठक में रांची की मेयर Roshni Khalkho सहित कई जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
रांची में तेजी से बढ़ रहा पीएनजी नेटवर्क
अधिकारियों ने जानकारी दी कि रांची में अब तक 854 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 38 हजार से 42 हजार किलोग्राम सीएनजी की बिक्री हो रही है। अब तक 79,071 घरेलू पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 23,628 घरेलू उपभोक्ता सक्रिय रूप से पीएनजी सुविधा से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 165 वाणिज्यिक और 16 औद्योगिक उपभोक्ता भी इस नेटवर्क का हिस्सा बने हैं।
कई इलाकों में गैस नेटवर्क, नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि अशोक नगर, हरमू, हीनू, अरगोड़ा, पुंदाग, बरियातू, कांके, कोकर, टाटीसिलवे, नामकुम और खेलगांव समेत कई प्रमुख इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है। वहीं मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और Birla Institute of Technology Mesra सहित अन्य क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही झिरी स्थित 5 टीपीडी क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की भी जानकारी दी गई, जहां नगर निगम के ठोस अपशिष्ट को हरित ईंधन और जैव उर्वरक में बदला जा रहा है।
गेल की फायर बाइक बनी नई सुरक्षा ताकत
बैठक के बाद रक्षा राज्य मंत्री ने दो विशेष फायर बाइक का उद्घाटन भी किया। ये बाइक उन संकरी गलियों और मोहल्लों में उपयोग की जाएंगी जहां बड़ी फायर ब्रिगेड गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। इन बाइकों में पानी और आग बुझाने के आवश्यक उपकरण मौजूद रहेंगे, जिनका उपयोग गेल की पाइपलाइन में आग लगने जैसी आपात स्थितियों में किया जाएगा। संजय सेठ ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम कहा।