Ranchi News: रांची में इंटरनेट सेवा प्रभावित होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान झारखंड बिजली वितरण निगम के सीएमडी भी कोर्ट में मौजूद रहे।
हाईकोर्ट ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से रांची के विभिन्न इलाकों में बिजली के पोल पर लगे इंटरनेट के तार बिना पूर्व सूचना के काटे जा रहे हैं। इसके कारण शहर में इंटरनेट सेवा बाधित हो रही है। कोर्ट की अपनी इंटरनेट सेवा भी पिछले दिन से बंद है, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
दोपहर 2.15 बजे तक इंटरनेट बहाल करने का निर्देश
कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा अब तक शुरू क्यों नहीं की गई। खंडपीठ ने सरकार को आज दोपहर 2.15 बजे तक हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा बहाल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी आज दोपहर 2.15 बजे निर्धारित की गई है।
केबल और इंटरनेट तारों के अव्यवस्थित बिछाव को लेकर मामला
मामला रांची में केबल और इंटरनेट के तारों को व्यवस्थित तरीके से नहीं लगाए जाने से जुड़ा है। इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ कर रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी कि रांची में केबल और इंटरनेट के तार लगाने की अनुमति किन-किन टेलीकॉम कंपनियों को दी गई है और शहर में कितने तार लगाए गए हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि केबल और इंटरनेट के तार सही तरीके से नहीं लगाए गए हैं और नीचे लटक रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की है। खंडपीठ ने सीएमडी से पूछा था कि ऐसे झूलते तारों के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।