Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को मामले का निपटारा कर दिया। सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने भर्ती की वर्तमान स्थिति से अदालत को अवगत कराया।
नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं 877 अभ्यर्थियों के नाम
आयोग ने कोर्ट को बताया कि 877 अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। वहीं, 204 पदों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप कोई उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हो सका। इसके अलावा 292 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान विसंगतियां सामने आई हैं। इन उम्मीदवारों को अपना पक्ष रखने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के लिए अदालत से समय-सीमा निर्धारित करने का अनुरोध किया। इस पर JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े न्यायिक आदेशों की स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि 2819 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराने के मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस प्रक्रिया को उचित ठहराया था। दूसरी ओर, एकल पीठ ने एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्परीक्षा कराने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए इसे गलत माना था।
मामले में एकल पीठ की ओर से FIR दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया है। JSSC ने अदालत को बताया कि अलग-अलग न्यायिक आदेशों के चलते भर्ती प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति प्रभावित हुई है।
अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि फिलहाल माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निश्चित समय-सीमा तय करना संभव नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित जनहित याचिका को बंद कर दिया।