Ramgarh: गिरिडीह जिले में पदस्थापित सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या के मामले में रामगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुराने भूमि विवाद में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला और पुरुष समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में संतोष कुमार साव उर्फ पम्पम, रामू साव उर्फ ज्ञानी, शकुन्तला देवी, रूबी कुमारी, विनय कुमार, पूजा कुमारी और लक्ष्मी देवी उर्फ डोली कुमारी शामिल हैं।
जमीन विवाद के दौरान हुई थी बेरहमी से पिटाई
रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि घटना 30 जून की सुबह करीब 8:40 बजे मांडू थाना क्षेत्र के बलसगरा गांव में हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करीब 11 डिसमिल जमीन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच बालेश्वर पटेल पर विरोधी पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह बुरी तरह घायल हो गए। बालेश्वर पटेल मूल रूप से मांडू थाना क्षेत्र के रबोध गांव के निवासी थे और वर्तमान में गिरिडीह के निबंधन कार्यालय में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे।
इलाज के दौरान हुई मौत, पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
घटना की सूचना मिलते ही मांडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल बालेश्वर पटेल को इलाज के लिए रामगढ़ के होप अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक की पत्नी के आवेदन पर मांडू थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से एफएसएल की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। वहीं एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, रामगढ़ के नेतृत्व में विशेष जांच एवं छापेमारी टीम का गठन किया गया, ताकि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ, मानवीय सूचना और घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।