Railway News: देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और संताल परगना के यात्रियों के लिए जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. जसीडीह रेल बाईपास बनने के बाद हावड़ा, रांची, धनबाद और आसनसोल की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को अब जसीडीह स्टेशन तक नहीं जाना पड़ेगा. इससे सफर का समय कम होगा और यात्रियों को लंबे इंतजार से छुटकारा मिलेगा.
अब तक जसीडीह जंक्शन संताल परगना का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता रहा है. हावड़ा-दिल्ली रेलखंड पर स्थित इस स्टेशन से ही अधिकांश यात्री देवघर पहुंचते थे. बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु पहले जसीडीह उतरते थे और वहां से करीब 7 किलोमीटर सड़क मार्ग तय कर देवघर पहुंचते थे. लंबे समय तक यह स्टेशन पूरे क्षेत्र का प्रमुख रेल केंद्र बना रहा.
देवघर रेलवे स्टेशन बनने के बाद क्षेत्र की रेल व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम शुरू हुआ. प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत मोहनपुर से हंसडीहा के बीच नई रेल लाइन बिछाई गई, जिससे देवघर और गोड्डा के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो सकी. इसके बाद जसीडीह और मधुपुर रेल बाईपास परियोजना को भी मंजूरी मिली, जिससे रेल नेटवर्क को नई दिशा मिली.
जसीडीह बाईपास का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे सितंबर तक पूरा करने की तैयारी है. इसके शुरू होते ही दुमका, गोड्डा, बांका और कटोरिया की ओर से आने वाली ट्रेनें, जिन्हें मधुपुर के रास्ते रांची, हावड़ा या धनबाद जाना है, वे सीधे देवघर स्टेशन से रोहिणी, शंकरपुर और मथुरापुर होते हुए मधुपुर पहुंच जाएंगी. उन्हें जसीडीह स्टेशन जाकर इंजन बदलने या रिवर्सल की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अभी हर ट्रेन को जसीडीह स्टेशन जाकर इंजन रिवर्स करना पड़ता है, जिससे करीब एक घंटे का अतिरिक्त समय लगता है. इससे प्लेटफॉर्म लंबे समय तक व्यस्त रहता है और यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. नया बाईपास शुरू होने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से जसीडीह स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और नई ट्रेनों के संचालन की संभावना भी बढ़ेगी. मुख्य रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
देवघर स्टेशन के आगे एक लिंक केबिन भी बनाया जा रहा है, जहां से ट्रेनों को सीधे मधुपुर रूट पर मोड़ा जाएगा. जसीडीह थाना रोड के पास ट्रैक बिछाने के लिए चट्टानों की कटाई का काम पूरा हो चुका है और वहां आवाजाही भी शुरू हो गई है. रेलवे का दावा है कि पूरा काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही यात्रियों को इसका लाभ मिलने लगेगा.