Palamu Big News: चिटफंड से जुड़े करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की एक विशेष टीम सोमवार को पलामू पहुंची है. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन निवेशकों की स्थिति का पता लगाना है, जिनका पैसा विभिन्न संदिग्ध वित्तीय संस्थाओं में फंसा हुआ है.
जांच का दायरा और प्रमुख उद्देश्य
सीबीआई की टीम यह बारीकी से जांच कर रही है कि जिन लोगों ने इन कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा की थी, उन्हें वह राशि वापस मिल पाई है या नहीं. इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी जांच अधिकारियों ने आठ अलग-अलग संस्थाओं के कर्मियों, प्रतिनिधियों और शिकायतकर्ताओं से विस्तृत पूछताछ की थी. शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कुछ गिने-चुने निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल गया है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग आज भी अपनी जमा पूंजी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
इन संस्थाओं पर टिकी है जांच की सुई
पलामू में वित्तीय वर्ष 2011 से 2014 के बीच कई चिटफंड कंपनियों ने बड़े स्तर पर निवेश कराया था. जांच के केंद्र में इंडस हाउस और साक्षी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं. इसके अतिरिक्त एग्रो सेविंग्स एंड क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, महिला सेविंग्स एंड क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और अहिल्याबाई जागृति महिला सेविंग्स एंड क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के वित्तीय लेनदेन की भी सघन जांच की जा रही है.
निवेशकों का लंबा इंतजार
उल्लेखनीय है कि इन संस्थाओं में हजारों लोगों ने बेहतर रिटर्न की उम्मीद में पैसा लगाया था. कई वर्षों की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बावजूद, अधिकांश निवेशकों को अब तक उनकी राशि वापस नहीं मिली है, जिसे लेकर सीबीआई अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में बढ़ रही है.