Jharkhand Vidhansabha: सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक प्रदीप यादव ने ध्यानाकर्षण के जरिए पॉलिटेक्निक संस्थानों में “नीड बेस्ड” शिक्षकों की बहाली का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बहाली की शर्तों में एमफिल और एमटेक को 15 अंक तथा बीटेक को मात्र 10 अंक का वेटेज दिया गया है, जो एआईसीटीई (AICTE) नियमों के खिलाफ है. इस पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्वीकार किया कि अत्यधिक मुकदमेबाजी के कारण उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों की स्थिति दयनीय बनी हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्तियों में यूजीसी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है और तकनीकी रूप से किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
चास में गैर मजरूआ जमीन की रजिस्ट्री पर सवाल
विधायक उमाकांत रजक ने चास के नारायणपुर में “खास गैर मजरूआ” जमीन की अवैध रजिस्ट्री का मामला प्रमुखता से उठाया. उन्होंने सवाल किया कि ललन पांडेय नामक व्यक्ति ने 16.82 एकड़ सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कैसे करा ली और इसे बेचने वाला असली व्यक्ति कौन है. जवाब में मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि वन विभाग द्वारा जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन फिलहाल कोर्ट ने इस प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है. मामला “सब ज्यूडिस” होने के कारण फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.
टीम इंडिया की जीत पर सदन में गूंजी तालियां
विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रवींद्रनाथ महतो ने टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर पूरे सदन की ओर से बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गौरव का क्षण है. इसी कड़ी में विधायक प्रदीप यादव ने यूपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को भी बधाई देने का सुझाव दिया. साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को तेल आयात जैसे मामलों में कड़े कदम उठाने चाहिए ताकि देश की संप्रभुता और मजबूत हो सके.
बिगड़ती कानून व्यवस्था पर विपक्ष का हमला
सत्र के दौरान राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर भी तीखी बहस हुई. विधायक सीपी सिंह ने रजरप्पा में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति की उसके परिवार के सामने पिटाई और इटखोरी में सीओ द्वारा डंडा चलाने की घटना की निंदा की. वहीं, नवीन जायसवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि विधानसभा से कुछ ही दूरी पर दिनदहाड़े गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य में “गुंडा राज” व्याप्त है, जहां अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.