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  • 2026-03-09

Jharkhand Vidhansabha: विधायक नीरा यादव ने कई मोर्चों पर सरकार को घेरा, पेयजल संकट और पलायन पर जताई चिंता

Jharkhand Vidhansabha: कोडरमा विधायक नीरा यादव ने सदन में सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नगर विकास और अन्य विभागों की योजनाएं केवल कागजों पर सुनहरी दिखती हैं, जबकि हकीकत में जनता शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष कर रही है. विधायक ने चिंता जताई कि गर्मी शुरू होते ही महिलाएं और बच्चे पानी के लिए घंटों कतारों में खड़े रहते हैं और कई ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे आज भी असुरक्षित स्रोतों से पानी पीने को मजबूर हैं.

बढ़ता पलायन और ठप पड़ी नियुक्तियां
राज्य के युवाओं के भविष्य पर बोलते हुए नीरा यादव ने बढ़ते पलायन को एक गंभीर समस्या बताया. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न होने के बावजूद रोजगार के अभाव में यहां के युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पिछले कई वर्षों से जेयटेट (JTET) की परीक्षा क्यों नहीं कराई गई, जिससे हजारों योग्य युवा रोजगार के अवसरों से वंचित रह गए हैं.

होल्डिंग टैक्स और व्यापारियों की परेशानी
विधायक ने नगर निकायों में बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस के बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कोडरमा सहित कई क्षेत्रों में व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को टैक्स के नाम पर परेशान किया जा रहा है. उन्होंने सदन में मांग की कि कोडरमा में होल्डिंग टैक्स के विरोध में आंदोलन करने वाले स्थानीय लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए.

स्थानीय बनाम बाहरी रोजगार का मुद्दा
सदन में स्थानीय लोगों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए नीरा यादव ने कहा कि कई निर्माण कार्यों में स्थानीय मजदूरों के बजाय बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नए विधायक आवास के निर्माण में लगे कई मजदूर स्थानीय भाषा तक नहीं जानते, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय युवाओं को उनके हक के रोजगार से दूर रखा जा रहा है.

शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली
शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए विधायक ने कहा कि स्कूलों में शौचालय और बिजली की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है. उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि वहां छात्राओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है. इसके अलावा, उन्होंने झुमरी तिलैया और कोडरमा में भीषण ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन की विफलता और एनएच-2 के लंबित कार्यों की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया.
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