TMC का गंभीर आरोप, महिलाओं का हुआ अपमान
बैठक के तुरंत बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए TMC नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि बैठक में मौजूद मंत्री और महिला प्रतिनिधियों के साथ CEC का व्यवहार अनुचित और अपमानजनक था। TMC के अनुसार, जब उन्होंने राज्य की चिंताओं को सामने रखा, तो उन्हें कथित तौर पर "चिल्लाने से मना" किया गया और चुप रहने को कहा गया। पार्टी ने इसे बंगाल की महिलाओं और लोकतांत्रिक आवाज का अपमान करार दिया है।
चुनाव आयोग की सफाई, मर्यादा का उल्लंघन हुआ
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान एक TMC मंत्री काफी ऊंची आवाज में बात कर रही थीं, जिससे चर्चा का माहौल प्रभावित हो रहा था। CEC ने केवल उन्हें अपनी आवाज नीची रखने और शिष्टाचार बनाए रखने का आग्रह किया। आयोग ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि यदि उनकी कुछ विशेष मांगें या सुझाव हैं, तो उन्हें लिखित रूप में दिया जाए ताकि उन पर आधिकारिक विचार किया जा सके।
TMC इस मुद्दे को लेकर अब जनता के बीच जाने की तैयारी में है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि वे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नियमों के तहत काम कर रहे हैं। इस विवाद ने चुनाव से पहले राज्य के सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है।