Jharkhand News : हजारीबाग शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने हजारीबाग नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए।
मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने नगर आयुक्त को 17 जुलाई तक व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 9 जनवरी और 16 फरवरी 2026 को नगर आयुक्त को स्वयं शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद उनकी जगह हजारीबाग नगर निगम के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) ने शपथ पत्र दाखिल किया, जिसे अदालत ने गंभीरता से लिया।
ट्रैफिक लाइट, सीसीटीवी और अतिक्रमण पर जताई नाराजगी
हाई कोर्ट ने हजारीबाग प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई आदेशों के बावजूद शहर में ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई है। कई सीसीटीवी कैमरे अब भी खराब पड़े हैं, सड़कों पर जाम की समस्या बनी हुई है और कई स्थानों पर अतिक्रमण जारी है।
अदालत ने जिला प्रशासन को 17 जुलाई तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अच्युत स्वरूप मिश्रा ने अदालत को बताया कि 28 अगस्त 2025 को पारित आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। शहर में सड़कों और पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमण जारी है, ट्रैफिक लाइट नहीं लगाई गई हैं और खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों के कारण चोरी एवं छिनतई जैसी घटनाओं पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है।
कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि पिछली सुनवाई में पार्किंग स्थलों से अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और खराब सीसीटीवी कैमरों को चालू करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने कहा कि वर्ष 2017 में लगाए गए करीब 160 सीसीटीवी कैमरे एएमसी (Annual Maintenance Contract) नहीं होने के कारण लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।