Jharkhand Government: नई दिल्ली में झारखंड सरकार की ओर से आयोजित दो दिवसीय “नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन” का गुरुवार को समापन होने जा रहा है. कार्यक्रम के अंतिम दिन राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास के लिए करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सीधी मौजूदगी में उद्योग, ऊर्जा, खनन, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों की देश-विदेश की कई बड़ी नामचीन कंपनियों के साथ यह रणनीतिक समझौते किए जाएंगे, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ऊर्जा, खनन और सीमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों से तैयारी
औद्योगिक विस्तार के तहत ऊर्जा और खनन क्षेत्र में जिंदल स्टील, जिंदल न्यूक्लियर पावर और जिंदल रिन्यूएबल जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ अलग-अलग एमओयू प्रस्तावित हैं. इसके अलावा, औद्योगिक कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए रूंगटा माइंस, रूंगटा संस, टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट, वरुण बेवरेजेज और अमलगम स्टील जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी भारी-भरकम निवेश समझौतों की अंतिम तैयारी पूरी कर ली गई है. सरकार का मुख्य ध्यान इन निवेशों के जरिए झारखंड के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करना है.
निवेशकों के सुझावों से नीति बनेगी और भी अनुकूल
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य के उद्योग विभाग की नई औद्योगिक नीतियों पर भी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ गंभीर चर्चा की जाएगी. झारखंड सरकार निवेशकों से मिलने वाले व्यावहारिक सुझावों और फीडबैक के आधार पर राज्य की वर्तमान औद्योगिक नीति को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा निवेश अनुकूल (इन्वेस्टर फ्रेंडली) बनाने पर गंभीरता से विचार करेगी, ताकि भविष्य में उद्योगों की स्थापना में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए.
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखेगा बड़ा उछाल
राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी अभूतपूर्व निवेश की उम्मीद है. इसके तहत ईज माई ट्रिप, रैडिसन ग्रुप, ओयो रूम्स, सरोवर होटल्स, मेफेयर और वीआरओ हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज सहित एक दर्जन से अधिक नामी कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है. इस ऐतिहासिक आयोजन को अमलीजामा पहनाने के लिए झारखंड सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री और तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं.