Jharkhand News : चतरा के टंडवा की सड़कों पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां तेज रफ्तार कोयला लदे हाइवा ने दो युवकों को कुचल दिया। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे ब्लॉक मोड़ से आगे मजराही के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
हर दिन हादसे, हर दिन चीखें, कब थमेगा खून का सिलसिला?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि टंडवा की सड़कों पर हादसे अब आम हो गए हैं। कोयला ढोने वाले भारी वाहन बेलगाम रफ्तार में गांवों और बाजारों से गुजरते हैं, जिससे आम लोगों की जान हमेशा खतरे में रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि न तो इन वाहनों के लिए कोई तय रूट है और न ही समय की पाबंदी। घनी आबादी वाले इलाकों से भी तेज रफ्तार में हाइवा गुजरते हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, मुआवजे की मांग
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और मृतकों के परिवार को मुआवजा व नौकरी देने की मांग की। स्थानीय मुखिया महेश मुंडा ने कहा कि अब कोल हाइवा वाहनों के इस तांडव पर रोक लगनी चाहिए।
ग्रामीणों ने कोयला परिवहन से जुड़ी कंपनियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुनाफे के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है और लोगों की जान की कोई कीमत नहीं बची है।
रफ्तार बनी मौत, सिस्टम की खामोशी पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में भारी नाराजगी है। हर हादसे के बाद कुछ समय के लिए विरोध होता है, लेकिन फिर हालात जस के तस हो जाते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक सड़कों पर यूं ही जिंदगियां खत्म होती रहेंगी और कब प्रशासन इस “खूनी सड़क” पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।