Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-13

Jharkhand News: बकाया वेतन मामले में हाईकोर्ट सख्त, तीन शिक्षा अधिकारियों को किया तलब

Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने बकाया वेतन भुगतान से जुड़े एक अवमानना मामले में राज्य सरकार के अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता समीना खातून को उनके दिवंगत पति के 9 सितंबर 1997 से 31 मार्च 2000 तक के बकाया वेतन के साथ 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान 24 जून 2026 तक सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं किया गया तो लोहरदगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक तथा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को 25 जून को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। साथ ही उन्हें यह भी बताना होगा कि जून 2026 का उनका वेतन रोकने का आदेश क्यों नहीं पारित किया जाए।

सरकार की दलील पर कोर्ट ने जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि संबंधित अवधि के मस्टर रोल पर हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए वेतन भुगतान संभव नहीं है। इस पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तर्क न तो एकल पीठ, न ही खंडपीठ और न ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहले कभी रखा गया था। ऐसे में इस स्तर पर इस दलील को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि बकाया वेतन और ब्याज भुगतान का आदेश पहले ही 11 फरवरी 2025 को दिया जा चुका था। इसके खिलाफ राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को भी 23 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद आदेश का पूर्ण पालन नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की।

सरकार का रवैया प्रथम दृष्टया अवमाननापूर्ण : हाईकोर्ट
खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार का रवैया प्रथम दृष्टया अवमाननापूर्ण प्रतीत होता है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के पति को उनके जीवनकाल में न्याय नहीं मिल सका और अब उनकी विधवा को भी न्यायोचित भुगतान से वंचित रखने का प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की औपचारिक कार्यवाही शुरू की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !