Jamshedpur: जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में लगातार हुई बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में उफान देखने को मिल रहा है। स्वर्णरेखा परियोजना (एसएमपी), चांडिल कॉम्प्लेक्स के बाढ़ सेल द्वारा 19 अगस्त 2026 की सुबह 10 बजे जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शहर की दोनों प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई फिलहाल खतरे के निशान (डेंजर लेवल) से ऊपर बह रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों ही नदियों का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे गिर रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता दिख रहा है।
मानगो और आदित्यपुर ब्रिज पर डेंजर लेवल से ऊपर बह रहा पानी
बाढ़ सेल की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी का खतरे का निशान 121.50 मीटर है, जबकि वर्तमान में इसका जलस्तर 122.660 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का पानी अपने खतरे के निशान से लगभग 1.16 मीटर ऊपर बह रहा है। दूसरी ओर, खरकई नदी का रुख ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा है। आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का डेंजर लेवल 129.00 मीटर है, जबकि यहां जलस्तर 132.600 मीटर तक पहुंच गया है। खरकई नदी अपने खतरे के निशान से 3.60 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि मानगो और आदित्यपुर दोनों ही स्थानों पर नदियों का ट्रेंड नीचे की ओर (Falling) दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
दोनों नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। तटीय और निचले इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ सेल के शिफ्ट इन-चार्ज की ओर से जारी मेमो संख्या 178 की प्रति पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों के अलावा चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता को भी भेजी गई है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर गिरने का रुझान राहत देने वाला है। इसके बावजूद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।