Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम के झींकपानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद कथित तौर पर पैसे मांगने का मामला सामने आया है. पीड़ित परिवार ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मचारी पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने विरोध जताया. वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
परिजनों ने लगाए वसूली के आरोप
परिजनों के मुताबिक, झींकपानी निवासी सीमा सवैया को प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था. उनका आरोप है कि डिलीवरी के बाद नर्स और सफाई कर्मचारी ने 500 से 1000 रुपये की मांग की. पीड़िता की बहन आरती सवैया का कहना है कि परिवार ने पहले 500 रुपये दिए, लेकिन बाद में फिर से अतिरिक्त रकम मांगी गई. उनका आरोप है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह पैसे मांगना गलत है.
शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व जिला परिषद सदस्य जॉन मिरन मुंडा अस्पताल पहुंचे और प्रभारी चिकित्सक डॉ. सोनी हेंब्रम से शिकायत की. डॉ. हेंब्रम ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है. उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
नर्स ने आरोपों से किया इनकार
मामले में नर्स प्रतिमा देवी ने पैसे मांगने के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि परिजनों ने किसी दबाव के बिना बच्चे के जन्म की खुशी में स्वेच्छा से 500 रुपये दिए थे. उनसे किसी तरह की रकम नहीं मांगी गई थी.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही हाल के दिनों में अस्पताल में भर्ती अन्य प्रसूताओं से भी पूछताछ करने की मांग उठी है. समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.