Jamshedpur: झारखंड हाईकोर्ट में जमशेदपुर स्थित लक्ष्मी मेंशन भवन की जर्जर स्थिति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत में हुई, जहां भवन की खतरनाक हालत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
“कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा”
याचिकाकर्ता दुमकेश्वर महतो की ओर से अदालत को बताया गया कि लक्ष्मी मेंशन भवन काफी जर्जर हो चुका है और उसके गिरने की आशंका लगातार बनी हुई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि इससे पहले समन्वित पीठ ने भवन मालिक और किरायेदारों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
NIT जांच में भवन को बताया गया खतरनाक
अदालत को बताया गया कि गठित समिति द्वारा एनआईटी जमशेदपुर से भवन की तकनीकी जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में इमारत को खतरनाक घोषित किया गया। इसके बाद डिप्टी अर्बन कमिश्नर ने 25 मार्च 2026 को भवन खाली कराने और ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी किया, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हो सका है।
राज्य सरकार और जेएनएसी से जवाब मांगा
कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को जवाबी शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता को भी आदेश दिया गया कि भवन में रहने वाले किरायेदारों और अन्य संबंधित लोगों को प्रतिवादी बनाकर मामले में शामिल किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर से भी मांगी रिपोर्ट
अदालत ने जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन को निर्देश दिया है कि वे डिप्टी अर्बन कमिश्नर और अन्य अधिकारियों से 25 मार्च 2026 के आदेश के अनुपालन को लेकर रिपोर्ट प्राप्त करें। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया है।
अगली सुनवाई में पेश होगी स्थिति रिपोर्ट
कोर्ट ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ दस्ती नोटिस जारी करने की अनुमति देते हुए याचिकाकर्ता के वकील को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई में प्रशासन की कार्रवाई और भवन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।