Jamshedpur News: जमशेदपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की ओर से 31 जनवरी को लोक अदालत हॉल, सिविल कोर्ट परिसर में जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का केंद्र बिंदु पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम रहा.
इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश–I कंकन पट्टादार की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, चिकित्सक, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल तथा पैरालीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया.
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए पॉक्सो अधिनियम की प्रमुख धाराओं, उद्देश्य और इसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी.
इसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी रिचेश कुमार ने किशोर न्याय अधिनियम पर सत्र लिया, जिसमें बच्चों के अधिकार, न्यायिक प्रक्रिया और प्रणाली की भूमिका पर चर्चा की गई.
प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड जमशेदपुर, दिव्या अश्विनी ने चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों के साथ संवादात्मक सत्र के माध्यम से किशोर न्याय कानून से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की.
कार्यक्रम में अधिवक्ता सह मध्यस्थ कमल कांत सिन्हा ने भी अपने विचार साझा किए. वहीं विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो अधिनियम, बिमलेश कुमार सहाय ने प्रतिभागियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवादात्मक सत्र आयोजित किया, जिसमें कानून के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई.
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुरिया ने किया. पूरे कार्यक्रम का संचालन सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल मनोज कुमार सिंह ने किया. यह परामर्श कार्यक्रम विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और बच्चों से जुड़े कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.